| By : Wanchha Arya ( Posted on :03 Jun, 2012 ) | Total Views : 1400 | Previous | Next |
एक दौर था जब हम जीते थे,
अब तो दिन बस यूँही कटते है|
एक समय था जब हम हँसते थे,
अब तो मुस्कुराना भी जैसे भूल गए|
एक लम्हा था जब हम साथ रहे थे,
अब तो शोर भी जैसे चुभता है|
एक रुत थी जब हम मिलते थे,
अब तो दीदार भी जैसे भार लगे|
एक मौसम था जब हम खिलते थे,
अब तो मुरझाये से रहते हैं|
एक वक़्त था जब हम सुनते थे,
अब तो कहना भी दुशवार लगे|
एक अरसा था जब हम साथ रहे थे,
अब तो मिलना भी मुश्किल लगता है|
एक जीवन था जिसमे सब अपने लगते थे,
अब तो बेगाने ही सब यार लगे|
Written By : Wanchha Arya