Holi Hai

एक ऐसा भी त्योहार है
जिसमे रंग बेशूमार है
अक्सर पहचाने नहीं जाते
एक ही रंग मे रंगे हुए
चेहरे कई हजार है

कौन अपना है,कौन बेगाना है
आज किसने ये जाना है
हर किसी की मुठी मे
बस प्यार ही प्यार है

फूलो को तो रंग दिया मौसमों ने
हमें रंग दिया हमारे दोस्तों ने
खुद ब खुद सजाने लगे
आज दिलों के बाज़ार है
Posted By : rajesh raj kavi kondal
Posted On : Mar 26, 2013
Views : 1682

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