Koi Tha

कोई था जो मुझ पर बेहद ऐतबार करता था
हर पल वो बस मेरा ही इंतज़ार करता था
मेरी भी हर सुबह शुरू बस उससे ही होती थी
सारे दिन में जाने मैं कितने सपने संजोती थी
हर रोज़ वो मुझसे प्रेम का इज़हार करता था
कोई था जो मुझ पर बेहद ऐतबार करता था
हर पल वो बस मेरा ही इंतज़ार करता था
देर रात तक जागकर हम बातें किया करते थे
बातों ही बातों में एक दूजे से झगड़ते थे
कहकर के व्यस्त हूँ मैं;वो दिल पर वार करता था
कोई था जो मुझ पर बेहद ऐतबार करता था
हर पल वो बस मेरा ही इंतज़ार करता था
मेरी गलती से दिल मेरा जब परेशान होता था
उसे मेरी परेशानी का भी ध्यान होता था
वो मेरी उस गलती का सुधार करता था
कोई था जो मुझ पर बेहद ऐतबार करता था
हर पल वो बस मेरा ही इंतज़ार करता था
चाहत है उसे हमेशा के लिए अपना बनाने की
हर पल बस उसकी ही बांहों में समाने की
आ जाती थी मुस्कान जब आँखें चार करता था
कोई था जो मुझ पर बेहद ऐतबार करता था
हर पल वो बस मेरा ही इंतज़ार करता था
हद से ज्यादा वो मेरा ख्याल रखता था
करता था हर काम जो वो कर सकता था
जानती हूँ वो मुझसे बहुत प्यार करता था
कोई था जो मुझ पर बेहद ऐतबार करता था
हर पल वो बस मेरा ही इंतज़ार करता था
आज साथ वो नहीं पर साथ उसकी याद है
उसकी और मेरी संग याद बेहिसाब है
वो हर पल को यूँ ही यादगार करता था
कोई था जो मुझ पर बेहद ऐतबार करता था
हर पल वो बस मेरा ही इंतज़ार करता था
Posted By : Kratika Nigam
Posted On : May 05, 2013
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