वो चाहे तुमसे ना कहे पर तुम हर बार कहते हो
एक बेवफा से तुम इतना प्यार करते हो
अपने दिल को इतना बेचैन करते हो
रातो मे बिस्तर पर तन्हा आहे भरते हो
ठंडी आह भर कर दिल को समझाते रहते हो
शाम-ओ-सहर उस ही का ख्याल करते हो
कोरे कागज़ पर तस्वीर उस की बनाते हो
जब ही हाथ जोडे रब के आगे उस की खुशी चाहते हो
अपनो मे रह कर भी खुद को जुदा करते हो
अपने मन की बात दूसरो से छुपाते रहते हो
खुद पर तुम इतना ज़ुल्म क्यो धाते हो
खुद की हालत तो देखो क्यो एक बेवफा पर कुरबान होते हो
अपने जीवन को क्यो बर्बाद करते हो
एक बेवफा से तुम इतना प्यार करते हो |