क्या खबर तुम को दोस्ती क्या है
ये रोशनी भी है अंधेरा भी है
ख्वाहिशो से भरा जज़ीरा भी है
बहुत अनमोल एक हीरा भी है
दोस्ती एक हसीन ख्वाब भी है
पास से देखो तो ज़िन्दगी भी है
दुख मिलने पे ये अज़ब भी है
और ये प्यार का जवाब भी है
दोस्ती यूँ तो माया जाल भी है
एक हक़ीक़त भी है ख्याल भी है
कभी फुरक़त कभी विशाल भी है
कभी ज़मीन कभी फलक भी है
दोस्ती झूठ भी है सच भी है
दिल मे रह जाये तो कसक भी है
कभी ये हार कभी जीत भी है
दोस्ती साज़ भी संगीत भी है
शेर भी नज़्म भी गीत भी है
वफा क्या है दोस्ती बेवफा भी है
दोस्ती दिल से निकली दुआ भी है
बस इतना समझ लो तुम ए अजनभी दोस्त
दोस्ती प्यार की इन्तेहा भी है |