ना कैमिस्ट्री होती ना मै स्टूडेंट होता
ना ये लैब होती ना ये एक्सिडेंट होता
अभी प्रक्टिकल मे आयी नज़र एक लडकी
सुंदर थी नाक उसकी टेस्ट टयूब जैसी
बातो मे उसकी ग्लूकोस की मिठास थी
सांसो मे एस्तेर की खुशबू भी साथ थी
आंखो से झलकता था कुछ इस तरह का प्यार
बिन पीये ही हो जाता है एलकोल का खुमार
बेनेज़ीन सा होता था उसकी प्रेसेंस का एहसास
अंधेरे मे होता था रेडियम का अभास
नज़रे मिली रिएक्शन हुआ
कुछ इस तरह लव का प्रोडक्शन हुआ
लगने लगे उस के घर के चक्कर ऐसे
न्युकिलयस के चारो तरफ ईलैक्ट्रोन होने जैसे
उस दिन हमारे टेस्ट का कोन्फरमेशन हुआ
जब उस के डैडी से हमारा इन्ट्रोडक्शन हुआ
सुनकर हमारी बात वो ऐसे उछल पडे
इग्निशियम टयूब मे जैसे सोडियम भडक उठे
वो बोले होश मे आओ पहचानो अपनी औक़ात
आईरन मिल नही सकता कभी गोल्ड के साथ
ये सुनकर टुटा हमारे अरमानो भरा बीकर
और हम चुप रहे बेज़ाल्डेहाईड का कडवा घूंट पीकर
अब उस की यादो के सिवा हमारा काम चलता ना था |