काश मै पानी होता,
दर्द भरी कहानी होता,
आंसू की रवानी होता,
ठंडक की फरवानी होता.
फासलो की ज़िन्दगी होता,
किसन की असानी होता,
गर मेरा कोई कदरदानी होता,
काश मै पानी होता.
तरीखो निगेभानी होता,
संतो की मै जवानी होता,
गर मेरा कोई पसबानी होता,
यूं मै ना बदनामी होता,
काश मै पानी होता.
शबनम की सूरत अफशानी होता,
सबज़ा-ओ-गुल मै नूरनी होता,
हस कर मेरा ना तिफलनी होता,
इन्सान मेरा अगर एहसानी होता,
काश मै पानी होता.
जैज़ा मेरा ना इमकानी होता,
खतरा ना मुझसे जानी होता,
कैनात की ज़िन्दगानी होता,
ज़िन्दगी की मै निशानी होता,
काश मै पानी होता. |