दुआ है की वो अब ख्वाबो मे ना मिले
और मेरी आंखो मे कोई आंसू ना मिले
वो मेरे दीदार के लिये बेहद तडपे
और उसे मेरा साया भी ना मिले
जो गलत-फेमी हम दोनो मे है
ढूंढने से भी उसको कोई उसका सिरा ना मिले
मेरी यादो की उल्झन मे इतना उल्झ जाये
के यादो से भागने का रास्ता ना मिले
मेरी बातो के समुंद्र मे इतना डूबे
के भूल के भी उसको कोई किनारा ना मिले
जिस दिन मिलना उसी दिन ही बिछडना
अब हमे मिलाने वाला कोई दिन ना मिले
बंद आंखे जब भी करे सोने के लिये
नींदो के देश का कोई रास्ता ना मिले
मै दुर उस से इतनी दुर चली जाऊ
के मेरा उसे कोई भी निशान ना मिले
मेरे दिल कोए बे-दर्दी से तोडने वाले
अब तुझको मुझ सा कोई ना मिले
चाहतो का मौसम तो दो दिन मे गुज़र गया
मुझ सी चाहने वाली अब उसे कोई ना मिले
मेरी आंखो से ख्वाब छीन-ने वाले
तेरे लिये दुआ मै मांगु पर तुझे मेरा प्यार ना मिले |