या दिल प्यार के क़ाबिल ना रहा,
कोई भी इज़्हार के क़ाबिल ना रहा,
इस दिल मे बस गयी दोस्ती आपकी अब तू चाँद भी दीदार के काबिल ना रहा!
कल हो ना हो आज तू है
आज हो ना हो
ये पल तू है
ये पल हो ना हो
हम तो है
हम हो ना हो
हमारी दोस्ती तो है
उम्मीद ऐसे हो जो जीने को मजबूर करे,
राह ऐसी हो जो चलने को मजबूर करे,
महक कम ना हो कभी अपनी दोस्ती की,
दोस्ती ऐसी हो जो मिलने को मजबूर करे.
ना चाहत है सितारो की,
ना तम्मना है नज़रो की,
आप जैसा एक दोस्त मिला तो क्या ज़रूरत है हज़ारो की
हमने जब कभी खुशी मेहसूस की,
हर कदम पे आपकी कमी मेहसूस की,
दूर रहकर भी आपकी दोस्ती कम ना हुई,
ये बात हमने दिल से महसूस की. |