हर खुशी को तेरी तरफ मोड दूं
तेरे लिये चाँद तारे भी तोड दूं
खुशियो का दरवाज़ा तेरे लिये खोल दूं
इतना काफी है या दो चार और झूठ बोल दूं
तुम्हारी आंखो मे बस जाने को जी चाहता है
पर क्या करू तुम्हारा चश्मा बीच मे आता है
मैने कहा रात को नींद नही आती
उसने कहाँ आसमान पर तारे गिना करो
वो हमारे घर आये और दीया जला कर चले गये
बाकी जो बचा तेल वो सिर मे लगा के चले गये
ज़मीन से आसमान तक, ज़मीन से आसमान तक
ज़मीन से आसमान तक, हवा ही हवा है.
तेज़ हवा का झोंका आया
साथ मे तेरी खुशबू लाया
तब मेरे दिल मे ख्याल आया
आज भी मेरा दोस्त नही नहाया |