खुबसुरत है वो लुब,
जो प्यारी बातें करते है,
खुबसुरत है वो मुस्कुराहट,
जो दुसरो के चहरो पर भी मुस्कान सजा दे,
खुबसुरत है वो दिल,
जो किसी के दर्द को समझे,
जो किसी के दर्द मे तडपे,
खुबसुरत है जज़्बात,
जो किसी का एहसास करे,
खुबसुरत है वो एहसास,
जो किसी के दर्द की दवा बने,
खुबसुरत है वो बाते,
जो किसी का दिल ना दुखाये,
खुबसुरत है वो आंखे,
जिनमे पकिज़गी हो, शर्म-ओ-हया हो,
खुबसुरत है वो आंसु,
जो किसी के दर्द को मेहसुस करके बह जाये,
खुबसुरत है वो हाथ,
को किसको मुशकिल वक़्त मे थाम ले,
खुबसुरत है वो कदम,
जो किसी की मदद के लिये आगे बढे,
खुबसुरत है इन्सान,
जिसको खुदा ने ये खुबसुरती अदा की ....... |