ज़मीन से उठा के आसमा को देखिये यारो
फतह मिलेगी कोशिश तो कीजिये यारो
अगर सीधी तरहा से घी निकल ना पाता हो
तो फिर उंगली ज़रा सी टेढी कीजिये यारो
जिन्हे किस्मत की दास्तानो से ना हो मतलब
जिन्हे बस अपनी कोशिशो पे ही भरोसा हो
खुदा भी उनकी मदद करता है ना मानो तो
कहानी भगीरथ की पूंछ लीजिये यारो
कभी खुदा से सवाल करना तुम अकेले मे
कभी खुदा को जवाब दे के देखना यारो
गुरू को पाओगे अपने भीतर ना मानो तो
बदलते वक्त मे हर शै बदल ही जाती है
नही बदलता जो उसको जमीर कहते है
अगर तुम जानना चाहो, क्या खोया क्या पाया
कभी कबार पीछे मुड के देखिये यारो |